Benefits of barley in hindi
Barley image

Barley बार्ली  को हिंदी में  जौ ( Barley in hindi) कहा जाता है । जौ barley एक ऐसा अनाज है  जिसे प्राचीन काल से ही इस संसार में उगाया जाता है। प्राचीन काल में  मूल खाद्य पदार्थ के रूप में जौ  का सेवन किया जाता था । भारत में धार्मिक संस्कारों में भी इसका प्रयोग होता आ रहा है। जौ की घास का उपयोग नवरात्रि में विशेष रूप से किया जाता है।
शारदीय नवरात्रि में जौ बोना बहुत शुभ माना जाता है। जौ की घास का जूस (Barley juice) पीना सेहत के लिए बहुत लाभदायक होता है । यह वजन कम करने, कोलेस्ट्रॉल कम करने इत्यादि के लिए यूज किया जाता है। अतः जौ का हमारे जीवन में विशेष महत्व है। अतः आइए जानते हैं जौ से होने वाले फायदे, इससे होने वाले नुकसान, जौ में पाए जाने वाले पोषक तत्व और जौ को डाइट में कैसे शामिल करें.....

जौ के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य- Some important fact about Barley

यूक्रेन एक ऐसा देश है जिसमें सबसे ज्यादा जो उगाया जाता है। अमेरिका, रूस, यूक्रेन, कनाडा जर्मनी और भारत जो उगाने वाले देशों में सबसे आगे हैं। जौ के उत्पादन के मामले में रूस, यूक्रेन, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, तुर्की, यूनाइटेड किंग्डम अर्जेंटीना और अमेरिका क्रमशः 1 से 10 नंबर पर है यानी कि ये देश जौ उत्पादन में टॉप 10 देशों में हैं । इन देशों में भारत का नाम शामिल नहीं है। जौ को अंग्रेजी में बार्ली Barley और संस्कृत में 'यव' कहा जाता है। जैसा पहले बताया जा चुका है इसे नवरात्रि के समय उगाया जाना बहुत शुभ माना जाता है इसके साथ साथ भारत में होने वाली शादियों में भी इसका प्रयोग किया जाता है नवरात्रि और अन्न प्रसन्ना जैसे त्योहारों पर इसको पूजा में शामिल किया जाता है। जौ हमारे शरीर को पोषण प्रदान करता है ।जब लंबी बीमारी के बाद हमारा पेट खराब हो जाता है तो जौ की खिचड़ी खाना बहुत फायदेमंद होता है ।जिससे पेट में होने वाली समस्याओं से तुरंत राहत मिल जाती है ।और इसके साथ-साथ शरीर को पोषण भी मिलता है।

जौ के प्रकार Types of Barley

जौ उसके उपयोग के आधार पर कई प्रकार का होता है । यह आपको तय करना है कि आप को किस प्रकार के जौ का इस्तेमाल करना है ।अतः इसके प्रकार इसके इस्तेमाल पर आधारित होते हैं। जौ को इसके बीज, आटे और जूस के रूप में सेवन किया जाता है। आइए जानते हैं जौ कितने प्रकार का होता है।

हुल्ड बार्ली Hulled Barley

जौ की ऊपरी परत काफी सख्त होती है ।अतः इसको बिना ऊपरी परत हटाए खाया नहीं जा सकता। अतः खाने योग्य बनाने के लिए जौ की ऊपरी परत को हटा दिया जाता है ।और जो रिजल्ट हमें मिलता है उसे हुल्ड बार्ली कहते हैं। हुल्ड बार्ली अन्य किस्मों की तुलना में पौष्टिकता और फाइबर से भरपूर होती है। जोकि हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है।

जौ की घास Barley Grass

जौ Barley को उगाने के बाद जब वह अंकुरित होने लगता है और उसकी ऊंचाई 7 से 8 इंच तक हो जाती है तब जौ की घास को काट लिया जाता है । जौ की घास को जूस बनाकर यूज़ किया जाता है । जौ कि घास से बनने वाली जूस में  बहुत सारे मिनरल्स और विटामिन पाए जाते हैं, जो कि हमारी त्वचा को  चमकदार और खूबसूरत बनाने के काम आते हैं। जौ की घास का भारतीय भारतीय संस्कृति में पूजा और त्योहारों पर विशेष महत्व है।

Pearl Barley  पर्ल बार्ली

जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि यह जौ barley की किस्म मोती की तरह चमकदार होती है ,अतः इसको पर्ल बार्ली कहा जाता है । हुल्ड बाली और पर्ल बार्ली में फर्क है यह होता है कि हुल्ड बार्ली में ऊपरी परत को तो उतार दिया जाता है लेकिन चोकर को रखा जाता है लेकिन पल बार्ली में ऊपरी परत और चोकर को हटा दिया जाता है जिससे कि ऊपर वाली परत ज्यादा चमकदार बन जाती है

जौ का आटा Barley Flour

यह गेहूं के आटे का अच्छा विकल्प है । यह जौ barley के बीजों को पीसकर तैयार किया जाता है ।इसमें पर्ल जौ के मुकाबले पोषक तत्व और फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है।


जौ का पानी Barley water

जौ का पानी बनाने के लिए जौ Barley के दानों को पानी में भिगोकर रात भर के लिए रखा जाता है या फिर जौ के दानों को पानी में कुछ देर के लिए उबाला जाता है, जिससे जौ के दाने पानी में अपना अर्क छोड़ देते हैं । जौ का पानी किडनी में पथरी और मूत्राशय से संबंधित बीमारियों  में काफी फायदेमंद होता है।

ग्रीन जौ पाउडर Barley green powder

जौ का पाउडर Barley powder व्हीटग्रास की तरह ही बहुत फायदेमंद होता है । जौ का पाउडर बनाने के लिए इसकी घास को सुखाकर इसका पाउडर बना लिया जाता है। इसे ही ग्रीन जौ पाउडर कहते हैं ।इसका प्रयोग करते समय इस पाउडर को पानी में घोलकर आसानी से इसका प्रयोग किया जा सकता है । यह विटामिंस मिनरल्स और फाइबर से भरपूर होता है।

जौ में पाए जाने वाले पोषक तत्व Nutrition value in Barley

हालांकि जौ Barley कई प्रकार का होता है एक छिलका रहित और दूसरा जिसमें छिलका होता है अर्थात साबुत जौ । लेकिन अगर हम पोषक तत्वों की बात करें तो हम साबुत जौ में पाए जाने वाले पोषक तत्व की बात करेंगे। दोनों ही जौ के प्रकारों को खाने में इस्तेमाल किया जाता है।
आइए जानते हैं कि एक कप जौ में क्या-क्या पोषक तत्व होते हैं...


  • 650                        कैलोरी
  • 134 ग्राम                 कार्बोहाइड्रेट
  • 96 ग्राम                   प्रोटीन
  • 0 ग्राम                     कोलेस्ट्रॉल
  • 832 मिलीग्राम          पोटैशियम
  • 485 मिलीग्राम          फास्फोरस
  • 246 मिलीग्राम          मैग्नीशियम
  • 585 मिलीग्राम          विटामिन B6
  • 524 मिलीग्राम          राइबोफ्लेविन
  • 23 ग्राम                   फैट
  • 1 मिलीग्राम              जिंक
  • 8 ग्राम                     डाइटरी फाइबर
  • 61 मिलीग्राम            कैल्शियम 
  • 62 मिलीग्राम             आयरन
  • 190 मिलीग्राम          थायमिन
  • 470 मिलीग्राम          नियासिन
  • 35 माइक्रोग्राम          फोलेट

जौ को उगाने के लिए जलवायु Best environment to grow the Barley

जौ रवि की फसल है ।इस फसल को सर्दियों में उगाया जाता है ।जौ की फसल कम तापमान में ही उगाई जाती है ,अतः इसके लिए 10 से 25 डिग्री का तापमान सबसे अच्छा रहता है। उत्तर भारत में यह फसल सर्वाधिक उगाई जाती है।  दोमट मिट्टी इस फसल के लिए सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है।

Top 10 health benefits of Barley बार्ली से होने वाले टॉप 10 स्वास्थ्य लाभ

  1. कैंसर के खतरे को कम करता है । Barley reduce the risk of cancer
  2. ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है। Barley benefits in hindi in blood pressure
  3. हड्डियों को रखता है मजबूत Bone health and Barley benefits in hindi
  4. ह्रदय को रखता है स्वस्थ Health of heart and benefits of Barley in hindi
  5. पथरी का करता है इलाज Kidney stone and Benefits of barley in hindi
  6. पाचन शक्ति को बढ़ाने में सहायक Digestive system and benefits of barley in hindi
  7. गर्भवती महिलाओं के लिए जौ है फायदेमंद Pregnancy and benefits of barley in hindi
  8. त्वचा के लिए फायदेमंद benefits of barley for skin in hindi
  9. बालों को झड़ने से रोके benefits of barley in hindi in hair fall.
  10. पेशाब संबंधी समस्याओं में फायदेमंद Benefits of barley in hindi in urine diseases

कैंसर के खतरे को करता है कम cancer and health benefits of barley in hindi

बार्ली Barley या जौ मैं एक सेलेनियम नाम का मिनरल पाया जाता है। यह मिनरल बहुत ही कम खाद्य पदार्थों में पाया जाता है , लेकिन बार्ली में अच्छी खासी मात्रा में पाया जाता है । जो व्यक्ति शुरू से ही जौ का इस्तेमाल करता रहा है ,उसमें कैंसर जैसी घातक बीमारियों के बढ़ने की संभावनाएं बहुत कम होती हैं ।सेलेनियम मिनरल कैंसर की कोशिकाओं को शरीर में बढ़ने से रोकता है और कैंसर की शुरुआती अवस्था में यह कैंसर की कोशिकाओं को खत्म भी करता है। अतः जौ कैंसर पीड़ित के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है । जौ के ज्यादा साइड इफेक्ट भी नहीं होते । कोलन नामक कैंसर में तो यह रामबाण का काम करता है।

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है Blood pressure and benefits of barley in hindi 

जौ घुलनशील और अघुलनशील फाइबर से भरपूर रहता है । जो व्यक्ति जौ Barley का नियमित सेवन करता है उसको उक्त रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर कभी नहीं होता । जौ का नियमित सेवन करने से बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है और गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है।
जौ में घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार के फाइबर पाए जाते हैं । और अमेरिका में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार घुलनशील और अघुलनशील फाइबर दोनों ही हाई ब्लड प्रेशर और वजन कम करने में मददगार होते हैं।

हड्डियों को रखता है मजबूत Bone health and benefits of barley in hindi

हमारी हड्डियों के लिए जरूरी पोषक तत्व कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्निशियम, जिंक और आयरन  जौ में सर्वाधिक पाए जाते हैं। यह हमारी हड्डियों के लिए बहुत आवश्यक होते हैं । जौ में पाए जाने वाला कैल्शियम हमारी हड्डियों को मजबूत करता है और इसमें पाए जाने वाला आयरन लंबे समय तक हड्डियों को कमजोर नहीं होने देता।

हृदय को रखता है स्वस्थ Heart health and benefits of barley in hindi

जो मैं 0% कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है जो कि हमारे हृदय की हेल्थ के लिए बहुत आवश्यक होता है। जौ मैं विटामिन ,फोलेट, फाइबर और पोटेशियम की मात्रा काफी होती है, जो हमारे हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में काफी मदद करते हैं । फाइबर हमारे ह्रदय की हेल्थ के लिए बहुत आवश्यक होता है। यह हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने नहीं देता, जिसकी वजह से हृदय को पूरे शरीर में रक्त संचार करने में कोई बाधा नहीं आती और हृदय बिना किसी दबाव के काम करता है।

पथरी का करता है इलाज Kidney stone and Benefits of barley in hindi

सबसे पहली बात यह है कि पथरी होती क्यों है ।जब भी हम कोई खाना खाते हैं तो उसमें से कुछ मिनरल्स पेशाब के रास्ते बाहर भी निकलते हैं लेकिन जब हम पानी कम पीते हैं तो यह मिनरल्स किडनी से होकर नहीं निकल पाते और किडनी में कंपाउंडिंग करने लगते हैं । कंपाउंडिंग का नतीजा यह होता है कि दो या दो से ज्यादा तत्व मिलने लगते हैं और वहां पर नमक की तरह कुछ चीजें इकट्ठा होने लगती है। इनको ही पथरी कहा जाता है। लेकिन जब हम फाइबर से युक्त खाना खाते हैं तो यह यह मिनरल्स जो कि हमारे शरीर के लिए आवश्यक नहीं होते हमारे शरीर से बाहर निकल जाते हैं ।अतः अगर हम जौ Barley का सेवन करते हैं तो जौ में फाइबर होने की वजह से यह हमारी किडनी की सफाई करता है और वहां से वेस्ट को शरीर से बाहर निकाल फेंकता है। जब भी हमारे पथरी होती है तो डॉक्टर बीयर पीने की सलाह इसीलिए देता है क्योंकि बियर जौ से बनाई जाती है और जौ हमारे शरीर की किडनी की सफाई करता है

पाचन शक्ति को बढ़ाने में सहायक Digestive system and benefits of barley in hindi

जब भी हम खाना खाते हैं तो उसे पचाने के लिए फाइबर की बहुत जरूरत होती है। अतः खाना खाते समय ज्यादातर लोग सलाद का इस्तेमाल करते हैं प्याज में फाइबर काफी पाया जाता है ।लेकिन अगर हम जौ barley से बनी चीजों का सेवन करते हैं या जौ का सत्तू खाते हैं तो हमारा पाचन तंत्र बहुत मजबूत रहता है। इसलिए पाचन तंत्र को मजबूत रखने के लिए जो का सत्तू खाने की सलाह दी जाती है।

गर्भवती महिलाओं के लिए जौ है फायदेमंद Pregnancy and benefits of barley in hindi

गर्भावस्था के समय स्त्रियों को बहुत सारी मानसिक और शारीरिक परेशानियों से होकर गुजरना पड़ता है। उनको दर्द, मॉर्निंग सिकनेस और पाचन संबंधी समस्याएं होती रहती हैं। यदि सीमित मात्रा में जौ का इस्तेमाल किया जाए तो इन सब परेशानियों से स्त्रियों को बहुत राहत मिलती है ।जौ Batley में पाए जाने वाले फाइबर, आयरन , जिंक जैसे तत्वों से स्त्रियों को गर्भावस्था के समय बहुत राहत मिलती है ।अमेरिकी संस्था एफडीए के अनुसार गर्भावस्था के समय स्त्रियों को सलाद के रूप में जौ का सेवन करने की सलाह दी गई है।

त्वचा के लिए फायदेमंद benefits of barley for skin in hindi

जौ Barley मेंं एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो कि हमारे चेहरे पर होने वाले मुहांसों को रोकने में काफी सहायक होते हैं ।यदि आप मुहांसों से परेशान हैं तो आप जौ का पानी लगाकर मुहांसों से जल्द निजात पा सकते हो ।इसके साथ-साथ यह त्वचा से अतिरिक्त तेल को निकाल कर बाहर कर देता है।
जौ चेहरे से दाग धब्बे हटाने के लिए भी काफी काम आता है ।दाग धब्बे हटाने के लिए थोड़ा सा जौ का आटा लें और उसमें थोड़ा सा नींबू डालकर उसका एक पेस्ट बना लें । इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और 10 से 15 मिनट सूखने के लिए छोड़ दें ।इसके बाद पानी से मुंह धो ले । ऐसा करने से आपके चेहरे पर दाग धब्बे धीरे धीरे चले जाएंगे।
त्वचा की लोच को बरकरार रखने के लिए भी जौ का इस्तेमाल किया जाता है ।यह असमय त्वचा की नमी को खोने से बचाता है ।जौ में पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट त्वचा को चमकदार बनाए रखते हैं। और त्वचा से विषैले पदार्थों को बाहर निकाल देते हैं ।इसलिए त्वचा को चमकदार बनाए रखने के लिए अपने नियमित आहार में जौ Barley का इस्तेमाल अवश्य करें।
अध्ययन से यह भी पता लगा है कि लगातार आठ हफ्तों तक जौ का नियमित सेवन करने से त्वचा संबंधी रोग खत्म हो जाते हैं। और त्वचा असमय अपनी नमी नहीं होती और आप हमेशा जवां बने रहते हैं।

बालों को झड़ने से रोके benefits of barley in

जौ हमारे बालों को  हमेशा स्वस्थ रखता है ।जौ की अहमियत इस बात से ही पता लगाई जा सकती है कि आजकल बाजार में बियर शैंपू भी मिलने लगा है । यह तो हम सभी लोग जानते हैं कि बीयर जौ से बनती है ।अतः जौ हमारे बालों के लिए बहुत लाभदायक है। जौ में प्रोसीनेडिन B3, नियासिन, थियामिन और विटामिन काफी अच्छा भी मात्रा में पाए जाते हैं। यह सभी तत्व हमारे बालों की वृद्धि के लिए आवश्यक घटक हैं। अतः नियमित जौ के आहार का सेवन करें।
एनीमिया एक ऐसा रोग है जिसमें खून की कमी हो जाती है और हमारे बाल भी झड़ने लगते हैं। जौ में आयरन और कॉपर की काफी अच्छी मात्रा पाई जाती है जो हमारे बालों को झड़ने से रोकती है ,और एनीमिया को भी जड़ से खत्म करती है ।अतः नियमित रूप से जौ का सेवन करने से बालों से संबंधित सारी समस्याएं खत्म हो जाती हैं।

जौ का सेवन किस प्रकार करें how to consume Barley

इसका सेवन अलग अलग तरीके से और अलग-अलग समय में किया जा सकता है। सुबह खाली पेट जौ के पानी का सेवन किया जा सकता है। ब्रेकफास्ट के समय इसको ब्रेड और सलाद के रूप में यूज किया जा सकता है । दोपहर और रात के समय मल्टी ग्रेन रोटियों के रूप में जौ का सेवन करना बहुत लाभप्रद होता है। अगर आप बढ़ते वजन से परेशान हैं या आपको बीमारियों ने घेरा हुआ है तो आप अपनी डाइट में जौ को जरूर शामिल करें ।आप जौ के पानी को पी सकते हैं ,इसको आटे में मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं। जो को सलाद, मल्टीग्रेन रोटी और ब्रेड के रूप में यूज़ करके आप इसे अपनी डाइट में शामिल करें।

आइए जानते हैं जौ का पानी किस प्रकार बनाएं Barley water recipes


Benefits of barley water in hindi, barley

सामग्री

6 कप पानी
दो नींबू
आधा गिलास शहद 
तीन चौथाई कप जौ

जौ का पानी बनाने की विधि Barley water recipe process

जौ का पानी बनाने के लिए सबसे पहले जौ को अच्छी तरह से धो लें ।इसके बाद एक बर्तन में पानी और जौ को मिलाकर कम से कम 15 से 20 मिनट पकाएं ।इसके बाद जौ को छान कर अलग कर दें ।और इसके पानी में नींबू और शहद मिलाएं । इसे ठंडा होने के लिए रख दें ।इसको आप फ्रिज में रखकर स्टोर कर सकते हैं। और नियमित रूप से सुबह एक गिलास जौ के पानी का सेवन करें

जौ के पानी से होने वाले नुकसान side effects of barley water| jau ke pani ke nuksan

  • हद से ज्यादा जौ का पानी पीने से आपको कब्ज chronic constipation की शिकायत हो सकती है।
  • यदि आपको जौ से किसी भी प्रकार की एलर्जी जैसे कि रेसिस, नाक, आंख, पांव एवं हाथ में जलन जैसे एलर्जी के कुछ लक्षण हैं, तो लक्षण महसूस होने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य ले।
  • एक दिन में 4 से 5 गिलास से ज्यादा जौ के पानी का सेवन न करें।
  • अगर आप डायबिटीज के मरीज हो तो वह जौ का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले लें क्योंकि जौ का सेवन करने से इंसुलिन का स्तर कम हो जाता है।
  • गर्भवती महिलाओं को सीमित मात्रा में ही जौ का सेवन करना चाहिए और सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। अधिक मात्रा में सेवन करने से उनको पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैंं।
  • जौ का अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में सूजन, ऐंंठन और गैस की समस्याएं हो सकती हैं।

जौ का दलिया बनाने की विधि

जौ का दलिया बनाना काफी आसान होता है जो का दलिया बनाने के लिए आधा कप जौ, 4 कप पानी, एक दालचीनी का टुकड़ा, आवश्यकतानुसार दूध और शहद की जरूरत होती है।
जौ का दलिया बनाने के लिए सबसे पहले जौ को एक कप पानी में 1 से 2 घंटे के लिए भिगो कर रखें ।इसके बाद इसमें बचा हुआ पानी डालकर इसे उबालने के लिए रख दें। जब यह उबल जाए तब इसमें दूध और शहद डालें। लगभग 30 मिनट तक इसको पकाएं।  कुछ देर बाद आपका जौ का दलिया बनकर तैयार हो जाएगा और इसे गरमा गरम  सेवन करें।

यह भी पढ़ें: पार्सले से होने वाले ये फायदे जानकर दंग रह जाएंगे आप

गर्मियों में खाएं जौ का सत्तू jau ka sattu banane ki vidhi| barley sattu recipe

जौ का सत्तू barley sattu बहुत स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है इसकी तासीर ठंडी होती है ।यह गर्मी से राहत दिलाता है। यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है ।जौ का सत्तू jau ka sattu बनाना काफी सरल होता है।
जौ का सत्तू बनाने के लिए एक कप जौ के बीज लेंं। इन बीजों को धीमी आंच पर भून लें। जब बीज भुन जाएंं तब इनको बारीक पीसकर पाउडर बना लें।
इसके बाद दो कप भुने हुए चने, एक कप गेहूं का दलिया, आधा कप चीनी, एक चौथाई चम्मच जीरा और एक चौथाई चम्मच नमक ले। इन सबको पीसकर पाउडर बना लें। इन सब चीजों को आपस में मिलाकर इसमें थोड़ा से पुदीना के पत्ते डालें और एक नींबू का रस निचोडें। इस प्रकार आपका जौ का सत्तू barley sattu बनकर तैयार हो गया।

Post a Comment

Previous Post Next Post
loading...