कॉलेज वाला प्यार ~Emotional love story in hindi

दोस्तों यह महेश की कॉलेज के दिनों की एक सच्ची और  प्रेम कहानी है~ Emotional love story in hindi

Emotional love story in hindi


बारहवीं करने के बाद महेश बीटेक करना चाहता था। लेकिन उसके घर की स्थिति ठीक नहीं थी ।अतः उसने आगरा से B.Sc करने का प्लान बनाया ।बीएससी का खर्चा ज्यादा नहीं था ।अतः  उसने आगरा के प्रसिद्ध कॉलेज आगरा कॉलेज से बीएससी करना प्रारंभ कर दिया । महेश का घर आगरा से 30 किलोमीटर दूर पड़ता था। अतः वह सुबह 9 बजे वाली ट्रेन से कॉलेज पढ़ने के लिए जाया करता था ।उसके साथ उसके टाउन से भी कई लोग उसके साथ आगरा में पढ़ते थे ।अतः कॉलेज जाना भी मजेदार होता था ।कुछ लोग रास्ते से ट्रेन में चढ़ते थे जो महेश के साथ ही उसके कॉलेज में पढ़ते थे ।उनसे भी महेश की अच्छी खासी जान पहचान हो गई। अब सारे लोग एक साथ कॉलेज जाया करते थे और अपने कॉलेज के दिनों का आनंद ले रहे थे ।

कॉलेज में ज्यादा पढ़ाई तो होती नहीं थी अतः ट्यूशन का सहारा लेना कॉलेज के लड़कों के लिए एक आम बात थी। अतः महेश और उसके दोस्त आगरा में ही एक प्रोफेसर के पास गणित का ट्यूशन पढ़ने के लिए जाया करते थे । सभी दोस्त गणित के साथ साथ सांख्यिकी का भी ट्यूशन पढ़ते थे । उनके साथ कई लड़कियां भी पढ़ने आती थीं। उन्हीं में से एक लड़की का नाम था आंचल। आंचल चश्मा लगाती थी वह देखने में तो इतनी ज्यादा सुंदर नहीं थी लेकिन ठीक-ठाक थी ।अतः महेश  ने उसे कई बार देखा लेकिन उसके लिए अपने दिल में प्यार कभी महसूस नहीं हुआ।
महेश एक सीधा-साधा लड़का था और वह एक शहर की लड़की थी। महेश ब्रज क्षेत्र से आता था अतः उससे हिंदी भी ढंग से नहीं बोली जाती थी और वहीं आंचल आगरा में ही रहती थी ।उसकी हिंदी तो जोरदार थी ही उसके साथ साथ उसे इंग्लिश का भी बहुत ज्ञान था । महेश ब्रज भाषा में अपने दोस्तों से बात किया करता था लेकिन ट्यूशन क्लासेस के समय कहीं उसका मजाक ना उड़े इसलिए महेश बहुत कम बातें किया करता था ।लेकिन उसके कुछ दोस्त उससे आगे थे जिनमें से कुछ नाम इस प्रकार हैं रविंदर, प्रशांत, दिलीप शर्मा, आदिल। रविंदर और दिलीप शर्मा तो बात बनाने में बहुत ज्यादा माहिर थे। वह अपनी बातों से किसी भी लड़की को इंप्रेस कर सकते थे ।लेकिन महेश बहुत सीधा-साधा लड़का था जिसे बातें करना तो दूर किसी लड़की से आंख मिलाने में भी बहुत शर्म आती थी। प्रशांत भी महेश की तरह ही भोला भाला था।

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आंचल बहुत तेज लड़की थी उसके साथ साथ वह बहुत होशियार भी थी ।अतः धीरे-धीरे महेश उसे पसंद करने लगा। महेश कॉलेज बहुत कम जाया करता था लेकिन कॉलेज में उसका एक दोस्त था आदिल।
आदिल भी उससे बोलता था कि हां आंचल एक बहुत होशियार लड़की है और उसके साथ साथ वह बहुत अच्छी लड़की भी है। महेश ने सबसे बेस्ट फ्रेंड दिलीप शर्मा से भी उस लड़की के बारे में कई बार तारीफ सुनी थी ।अतः महेश उस लड़की को मन ही मन अब पसंद करने लगा था। महेश आंचल को बता देना चाहता था कि वह उसे पसंद करता है लेकिन महेश बहुत शर्मीला था अतः उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी। उसके बेस्ट फ्रेंड दिलीप शर्मा ने भी कई बार उसे उत्साहित करने की कोशिश की। लेकिन महेश असफल रहा। उसमें इतनी हिम्मत नहीं थी ।

एक बार की बात है सांख्यिकी के प्रैक्टिकल चल रहे थे अतः महेश को प्रैक्टिकल की फाइल बनानी थी लेकिन उसके आस-पास कोई ऐसा नहीं था जो प्रैक्टिकल की फाइल बनाने में उसकी मदद करे।लेकिन उसके दोस्तों ने बोला कि यह एक सही मौका है उससे बात करने का ।अतः महेश ने हिम्मत करके आंचल से प्रैक्टिकल की फाइल मांग ली।

आंचल जब भी ट्यूशन पढ़ने के लिए आती तो महेश उसे प्रैक्टिकल फाइल के लिए बोलता। लेकिन वह बहाना बनाती कि आज वह नहीं लाई। तो वह उससे कुछ नहीं बोलता और चुप रहता ।लेकिन दो-तीन दिनों के बाद वह फाइल लेकर आ गई ।महेश को लगा कि अपनी बात कहने का यह एक सही मौका है। अतः उसने उसकी फाइल से अपनी प्रैक्टिकल की फाइल कंप्लीट की और उसकी फाइल में एक प्रेम पत्र छोड़ दिया । उसके बाद उसने वह फाइल अच्छी तरह सजा कर एक गिफ्ट के रूप में उसे ही वापस कर दी ।प्यार के इजहार करने का यह उसका पहला एक्सपीरियंस था । फाइल वापस करते समय वह बहुत घबरा गया था। लेकिन उसने हिम्मत करके वह फाइल उसे दे दी।

आंचल वह फाइल लेकर चली गई ।उसके बाद महेश कई बार मिला। लेकिन महेश की उससे बात करने की कभी भी हिम्मत नहीं हुई। उसने भी कुछ जवाब नहीं दिया। लेकिन मन ही मन में वह उसे प्यार करने लगा था और उसके सपने देखने लगा था। उस समय घर की स्थिति भी ठीक नहीं थी, अतः महेश जॉब के लिए भी इधर-उधर अप्लाई कर रहा था। फाइनल ईयर आते ही उसकी जॉब लग गई और उसने कॉलेज छोड़ दिया। तब से महेश आंचल से नहीं मिला जॉब लगने के एक-दो साल बाद महेश ने आंचल से फेसबुक के जरिए बात करने की कोशिश की, लेकिन उसे लगा कि शायद वह उससे बात नहीं करना चाहती ।

उसके 4 साल बाद  महेश की शादी हो गई। लेकिन आंचल के प्रति जो प्यार उसके मन में उस समय था वह अब भी है और उसे लगता है कि आंचल अगर जिंदगी में कहीं उसे मिली तो वह उससे अपने दिल की बात अवश्य कहेगा, और उसके लिए उसके दिल में प्यार हमेशा रहेगा।

दोस्तों यह थी महेश की प्रेम कहानी Emotional love story in hindi । यह केवल महेश की ही प्रेम कहानी नहीं है, कॉलेज में पढ़ने वाले बहुत से लड़कों की प्रेम कहानी है जो कि प्यार का इजहार ना करने की वजह से दबी रह जाती हैं

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