Bhutiya kahani ~ भूतिया पेड़ की कहानी | Bhoot ki kahani

Bhutiya kahani


मेरे प्रिय मित्रों आज मैं जो कहानी आपके लिए लेकर आया हूं, वह सच्ची घटना पर आधारित है। इसे मनगढ़ंत कहानी बिल्कुल भी ना समझें। यह कहानी अक्सर मैं अपने गांव वालों से सुनता आया हूं। चलो पढ़ते हैं एक सच्ची भूतिया कहानी Bhutiya kahani

यह कहानी आज से लगभग 40 साल पहले की है। यह कहानी उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव दौलतपुर की है ।यह कहानी बुद्धा काका की है। उस समय बुद्धा काका की उम्र लगभग 27 - 28 साल रही होगी। बुद्धा काका की शादी होने जा रही थी । हमारे यहां शादी से पहले शरीर पर हल्दी लगाया जाता है। हल्दी के दूसरे दिन जब बुद्धा काका को शौच लगी तो वह अपने एक दोस्त के साथ खेतों की ओर चले गए उस समय शौच आदि के लिए लोग गांव से बाहर ही जाते थे। उनके शरीर पर हल्दी लगी हुई थी, अतः वो अपने दोस्त को भी साथ ले गए थे ।गांव से थोड़ी ही दूर खेतों में एक मंदिर था ।तथा मंदिर के पास एक कुआं था ।उन्होंने कुएं से पानी लिया और खेतों में फ्रेश होने के लिए चले गए। खेतों में थोड़ी ही दूर पर एक कटीली झाड़ियों वाला पेड़ था।

Bhutiya kahani
कई लोगों ने सुना था कि उस पेड़ पर भूत रहते हैं ।कई बार तो लोगों ने उस पेड़ के आसपास कुछ डरावनी आवाजें भी सुनी थी। लेकिन अब तक कोई भयानक हादसा किसी के साथ नहीं हुआ था अतः उस पेड़ के बारे में लोगों में इतना ज्यादा भय नहीं था। सब लोग हंसी मजाक में इस बात को उड़ा दिया करते थे।.........Bhoot ki kahani

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बुद्धा काका और उनका दोस्त फ्रेश होने के लिए उस पेड़ से लगभग पचास कदमों की दूरी पर बैठे हुए थे ।जब वो लोग फ्रेश होकर जाने लगे, तब उन्होंने अपने पीछे कदमों की आवाज सुनी। बुद्धा काका को डर लगने लगा क्योंकि उनके शरीर पर हल्दी लगी हुई थी और ऐसे समय पर भूत-प्रेतों का ज्यादा खतरा रहता है । डर के मारे दोनों कुए की ओर तेज तेज चलने लगे। जैसे ही वह कुएं के पास पहुंचे तो वह भूत बुद्धा काका के ऊपर हावी हो गया ।जिससे बुद्धा काका अजीब तरह की हरकत करने लगे ।उनके मित्र को इस चीज का आभास हो गया और वह डरने लगा।

अब भूत पूरी तरह से बुद्धा काका के ऊपर हावी हो चुका था ।और उनको कुए के पास पटकने लगा जिसे देखकर उनके मित्र की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई। उनका मित्र घर की ओर भागा ।घर जाकर उसने सारी बात गांव के लोगों को बता दी । गांव के सारे लोग लाठी लेकर कुए की तरफ भागे। कुआं गांव से ज्यादा दूर नहीं था केवल 200 मीटर की दूरी पर था।

जब गांव वाले कुए के पास पहुंचे तो उन्होंने बुद्धा काका को कुएं में उल्टा लटका पाया। भूत ने उनके दोनों पैरों को एक रस्सी से बांधकर कुए में जो घिरणी वाली रॉड होती है उससे उल्टा लटका दिया था। गांव वालों ने बुद्धा काका को वहां से बाहर निकाला।

भूत ने बुद्धा काका को बहुत जोर से मारा था। उनके शरीर पर नीले निशान पड़े हुए थे जिसे देखकर गांव वाले घबरा गए । बुद्धा काका की वो रात उनकी सबसे भयानक रात साबित हुई।.....bhutiya kahani

उस घटना के बाद गांव के लोग उस पेड़ के पास जाने से डरने लगे। यहां तक कि कुए को देखकर उनकी आंखों के सामने एक भयानक दृश्य आने लगता। यहां तक कि जिस खेत में वह पेड़ खड़ा था, जब उस खेत में फसल कटने की बारी आती तो दो या तीन लोग मिलकर एक साथ फसल काटने जाते थे।

जब कई साल गुजर गए तो वह भूत वहां से आने जाने वाले लोगों को दोबारा से परेशान करने लगा। कहीं किसी के साथ कोई अप्रिय घटना ना हो जाए इस बात को ध्यान में रखकर गांव के लोगों ने उस पेड़ को काटने के बारे में सोचा। लेकिन इस तरह से उस भूत को मुक्ति नहीं मिलने वाली थी अतः गांव के लोगों ने मिलकर उस भूत की आत्मा की शांति के लिए यज्ञ करवाया। और उस पेड़ को कटवा दिया जिससे कि भूत का उस पेड़ के प्रति लगाव हमेशा के लिए समाप्त हो जाए और उसे मुक्ति मिल जाए।

प्रिय मित्रों यह थी डरावनी और सच्ची भूतिया कहानी
 आपको यह कहानी कैसी लगी कमेंट बॉक्स में लिखकर हमें अवश्य बताएं।

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